पैसा कमाते–कमाते रिश्ते क्यों टूट रहे हैं?
पैसा कमाने की दौड़ और रिश्तों की दूरी — एक कड़वी सच्चाई
आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में हर इंसान एक ही उद्देश्य लेकर चल रहा है—
अधिक कमाना, बेहतर बनना और आगे बढ़ना।
पर इस तेज़ रफ़्तार में कहीं न कहीं हम वो चीज़ें खोते जा रहे हैं, जो सबसे ज़्यादा कीमती हैं—
अपने लोग, अपने रिश्ते और अपने पल।
👉 **“जीवन की खुशियाँ बाँटूँ किसके साथ—
जीवन की खुशियाँ बाँटूँ किसके साथ,
सब व्यस्त हैं अपनी–अपनी खुशियों में।
हम ढूँढ़ते फिरते हैं कुछ पल अपनों के लिए,
पर वो खो गए अपने ही सपनों में।
कमाई की दौड़ ने ऐसा घेरा डाला है,
हर कोई भाग रहा है सुबह से रात तक।
रिश्ते पीछे छूटते जा रहे हैं,
नज़रों में सिर्फ़ नोट हैं और कारोबार तक।
कभी साथ बैठकर हँसना–बोलना कितना आसान था,
अब बातचीत भी कैलेंडर में समय देखकर होती है।
पैसे कमाने की चाह में लोग इतना उलझ गए,
कि अपनों को भी ये दुनिया अब ‘फुर्सत’ में ही मिलती है।
हम सोचते हैं—
किसके साथ साझा करें ये दिल की बातें,
जब अपने ही खो गए अपने काम और कमाई की बैसाखियों में।
दिल आज भी चाहता है बस थोड़ी सी तवज्जो,
पर हर कोई व्यस्त है अपनी ही रफ़्तार की दिशाओं में।
रिश्तों को संभालना भी एक कमाई है,
जो हर किसी से नहीं होती निभाई।
पैसा तो फिर भी वापस आ सकता है,
पर गँवा दिए रिश्ते… कभी वापिस नहीं आए।**
रिश्ते ‘टाइम’ माँगते हैं, और हम दे नहीं पाते
आपने भी महसूस किया होगा—
-
परिवार के साथ बैठना कम हो गया
-
दोस्त मिलते नहीं, सिर्फ चैट करते हैं
-
बच्चे भी मोबाइल में खो जाते हैं
-
और दिल में एक खालीपन धीरे-धीरे घर कर जाता है
कमाई बढ़ रही है,
पर रिश्ते कहीं खो रहे हैं।
क्या कमाई ज़रूरी नहीं? ज़रूरी है… पर एक सीमा तक
पैसा कमाना बुरा नहीं,
पर सिर्फ पैसा कमाने के लिए जीना सही भी नहीं।
रिश्ते भी कमाई की तरह ही होते हैं—
उन्हें समय, ध्यान और भावनाएँ चाहिए।
काम की वजह से खोए हुए पल
कभी वापस नहीं आते।
कैसे वापस लाएँ रिश्तों में गर्माहट?
✔ रोज़ 15–20 मिनट परिवार से खुलकर बातें करें
✔ वीकेंड में कम से कम एक भोजन साथ खाएँ
✔ सोशल मीडिया टाइम कम करें
✔ मोबाइल को साइलेंट कर कुछ पल ‘अपनों’ को दें
✔ सीखें—पैसा वापस आ जाएगा, पर लोग नहीं
निष्कर्ष
ज़िंदगी सिर्फ कमाई का नाम नहीं।
यह वो रिश्ते हैं जो हमें जीना सिखाते हैं।
हम जितना पैसा कमाएँगे,
उतना ही अपनी जिम्मेदारियाँ बढ़ाएँगे,
लेकिन रिश्तों में कमाया गया ‘विश्वास’
सारी उम्र साथ देता है।
कमाई ज़रूरी है…
पर रिश्ते उससे भी ज़्यादा।
अगर आपको यह कविता पसंद आए तो Like, Share और Subscribe ज़रूर करें। #princek309 #badainformation
ऐसी और प्रेरणादायक कविताएँ और आर्टिकल पढ़ने के लिए हमारे ब्लॉग BadaInformation.in को Follow करें और नई सोच के साथ जुड़े रहें !
अगर आपको यह पोस्ट उपयोगी लगे, तो इसे अपने दोस्तों और सोशल मीडिया ग्रुप्स में शेयर करें ताकि और लोग भी इससे प्रेरणा ले सकें।
FOLLOW ME ON:



