“छोटे कदम, बड़े सपने — चलते रहो, मंज़िल ज़रूर मिलेगी।”
“सपनों की राह पर” सिर्फ़ एक कविता नहीं, बल्कि उन लाखों लोगों की आवाज़ है जो छोटे कदमों से बड़े सपनों की ओर बढ़ रहे हैं।
हर इंसान के जीवन में एक ऐसा पल आता है, जब वह किसी अनजान राह पर कदम रखता है—
जहाँ मंज़िल साफ़ दिखाई नहीं देती, पर दिल में आगे बढ़ने की ज़िद ज़रूर होती है।
🌅 सपनों की राह पर 🌅
चल पड़ा हूँ मैं एक राह पर,
ना मंज़िल का डर, ना हार का विचार।
कदम छोटे सही, पर हौसले बड़े,
हर ठोकर से सीखा — अब गिरना भी पड़े तो हँस लूँ मैं खड़े।
रात अंधेरी हो तो क्या,
सुबह की किरन जरूर आएगी।
जो थक कर बैठ जाए बीच में,
वो मंज़िल कैसे पाएगी?
हर सपना मेहनत माँगता है,
हर मंज़िल कीमत लेती है।
जो रुक जाए डर के आगे,
वो जीत कहाँ देखती है!
जीवन की यही तो सच्चाई है,
कठिनाइयाँ ही असली पढ़ाई हैं।
हार नहीं, कोशिशों को आदत बना,
तेरा समय भी आएगा — बस चलता जा! 🌟
सपनों की शुरुआत डर से नहीं, भरोसे से होती है
जब हम अपने सपनों की राह पर चलते हैं, तो सबसे पहले डर सामने आता है—
हार का डर, असफलता का डर, लोगों की बातें।
लेकिन सच यही है कि
जिसे हार का डर नहीं, वही जीत की तरफ़ बढ़ता है।
छोटे कदम भी मायने रखते हैं,
अगर उनमें हौसला बड़ा हो।
हर ठोकर हमें गिराने नहीं,
बल्कि मज़बूत बनाने आती है।
अंधेरी रातें भी सुबह का वादा करती हैं
जीवन की राह हमेशा रोशनी से भरी नहीं होती।
कभी-कभी रात बहुत गहरी लगती है,
और रास्ता बिल्कुल साफ़ नहीं दिखता।
पर इतिहास गवाह है—
हर अंधेरी रात के बाद सुबह ज़रूर आती है।
जो बीच रास्ते में थककर बैठ जाते हैं,
मंज़िल उनसे थोड़ी और दूर हो जाती है।
और जो चलते रहते हैं,
वही एक दिन सूरज के साथ मुस्कुराते हैं।
मेहनत की कीमत चुकाए बिना मंज़िल नहीं मिलती
हर सपना मेहनत माँगता है,
और हर मंज़िल अपनी एक कीमत रखती है।
बिना संघर्ष के मिली सफलता
ज़्यादा देर तक साथ नहीं निभाती।
लेकिन जो पसीने से सींची जाती है,
वो जीवन भर पहचान बन जाती है।
डर के आगे रुक जाना आसान है,
पर आगे बढ़ जाना ही असली जीत है।
कठिनाइयाँ ही जीवन की असली शिक्षा हैं
जीवन हमें किताबों से ज़्यादा
अनुभवों से सिखाता है।
कठिनाइयाँ हमें तोड़ने नहीं आतीं,
वे हमें मजबूत बनाने आती हैं।
हर हार के भीतर एक सीख छुपी होती है,
बस ज़रूरत है उसे समझने की।
हार को आदत मत बनाओ—
कोशिश को आदत बना लो।
badainformation.in/hausle-ki-udaan-prernadayak-kavita/
चलते रहो — तुम्हारा समय भी आएगा
अगर आज हालात साथ नहीं दे रहे,
तो इसका मतलब यह नहीं कि वे कभी देंगे ही नहीं।
समय हर किसी का आता है,
बस शर्त इतनी है कि
हम बीच रास्ते में रुकें नहीं।
चलते रहो, सीखते रहो,
खुद पर भरोसा बनाए रखो—
क्योंकि एक दिन
तुम्हारा समय भी ज़रूर आएगा।
🌟 निष्कर्ष
“सपनों की राह पर” हमें यह सिखाती है कि
जीत का रास्ता डर से नहीं,
हौसले और मेहनत से होकर गुजरता है।
जो गिरकर भी मुस्कुराना सीख ले,
वही असली विजेता होता है।
👉 चलते रहो… क्योंकि मंज़िल तुम्हारा इंतज़ार कर रही है। 🌅✨
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